अपने दुःख में रोने वाले मुस्कराना सीख ले।
अपने दुःख में रोने वाले
मुस्कराना सीख ले।
दूसरे के दर्द में आँसू
बहाना सीख ले।।
जो खिलाने में मजा है,
आप खाने में नहीं।
जिन्दगी में तू किसी के
काम आना सीख ले।।
कर गरीबों का भला
बेनसीबों पर रहम।
सेवा में भगवान है तू
दर्श पाना सीख ले।।
एक छोटी सी दीया है
गम न कर इस बात का।
इन अंधेरों में किसी को
रहा दिखाना सीख ले।।
कर्म तेरा हो भलाई
धर्म तेरा प्रेम हो।
बेसहारो का सहारा
धन उठाना सीख ले।।
वीर का हो काम जिससे
तू सदा जिन्दा रहे।
हर किसी को प्यार से
अपना बनाना सीख ले।।
संस्कृति के हित कट जाय
वो माथ मुझको दे,
गरीबों को जो उठाले
वो हाथ मुझको दे।
तड़फ उठे देखकर
पराई पीड़ा को,
दिल वो दयानन्द सा
नाथ मुझको दे।।










