हे पूज्य पिता आपका गुणगान करें हम।
हे पूज्य पिता आपका
गुणगान करें हम।
तव भक्ति सुधा रस
का पान करें हम ।।
अभिमान वैर तजके
बने प्रेम पुजारी।
असहाय दुःखी दीन का
कल्याण करें हम ।।
हे पूज्य…….
करके कृपा प्रदान करो
दिव्य दृष्टि वह।
दर्शन हृदय में
आपका भगवान करें हम।।
हे पूज्य……….
अन्याय दुराचार
दुर्व्यसन से दूर हों।
सब भांति मातृभूमि
का उत्थान करें हम ।।
हे पूज्य………
प्रिय आर्य सभ्यता के
प्रचारक प्रकाश हों।
सर्वस्व वेद धर्म पे
बलिदान करें हम ।।
हे पूज्य……..
देखने में न सुहागन
और देखने में न कुंआरा।
दोस्त मेरे ये तो दौलत है
जो आज मेरी है कल तुम्हारा।।










