सुबह शाम जिसको तेरा ध्यान होगा।
सुबह शाम जिसको तेरा ध्यान होगा।
बड़ा भाग्यशाली वह इन्सान होगा ।।
उसी को हर दम लगन तेरी होगी।
कि जिस पर तू खुद ही मेहरबान होगा ।।
तेरे जाप में जो कोई आलस्य करेगा।
वह दुर्भाग्य, मूर्ख व नादान होगा ।।
जो भक्ति करे तेरी निष्काम मन से।
उसी भक्त का निश्चय कल्याण होगा ।।
तेरी याद में ही रहे मस्त हर दम।
तभी सन्त का पूरा अरमान होगा ।।










