आर्य समाज भजन

श्मशान की राहों में हमनें

श्मशान की राहों में हमनें श्मशान की राहों में हमनें श्मशान की राहों में हमनें,चलती एक दिन अर्थी देखी।बनकर जो आयी थी...
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अरे किसने चिता में ये,मेरी बेटी जला दी है। तर्ज - मुझे तेरी मोहब्बत का….. श्मशान भूमि में जिन्दा जली बेटी की...
लोग पागल हुये फिर रहे हैं तर्ज - इश्क़ में हम तुम्हें……. लोग पागल हुये फिर रहे हैं,इन्हें पाखण्ड़ से कैसे...
अन्धकार में है जीवन,हे ईश दया कर दो। तर्ज - होठों से छू लो तुम……. अन्धकार में है जीवन,हे ईश दया...
भारत माता की नैंया, है बीच धार में। तर्ज - अफ़‌साना लिख रही हूँ……. भारत माता की नैंया,है बीच धार में।ना...
राहें हैं बहुत मुश्किल,जरा सोच समझ के चलना रे तर्ज - कहीं दीप जले कहीं दिल…… राहें हैं बहुत मुश्किल,जरा सोच...
उस प्रभु को, अगर भुलाओगे तर्ज - तुम मुझे यूं भुला न……. उस प्रभु को, अगर भुलाओगेयाद रखना ये बात सच...
ढूंढ़नें से मेहरबाँ वो ना मिला ना मिला तर्ज - कल चमन था आज ये…… ढूंढ़नें से मेहरबाँ वोना मिला ना मिलाउसका...
दिन सारे गवाये जीवन के स्वर :- दिन सारा गुजारा तेरे अंगना दिन सारे गवाये जीवन के,बचपन के यौवन के मेरे...
अन्धेरों ने मेरे नयन छिन कर स्वरः - बहारों ने मेरा चमन छिन कर अन्धेरों ने मेरे नयन छिन करउलझनो का...
तेरी रचना को देखू भगवन मै। स्वर :- सपने सुहाने लड़कपन के तेरी रचना को देखू भगवन मै।उठे खुशियों की लहरें...
महर्षि की जो नसीहत उनसे सुधार होगा महर्षि की जो नसीहतउनसे सुधार होगाहर घर सलोना सुन्दरसुसंस्कार होगा। विद्यार्थी विद्या अर्थी गृहस्थीहो...
वेद की राहों का परवाना हूं मैं।। स्वर :- हां दीवाना हूं मैं वेद की राहों का परवाना हूं मैं।।कोई भ्रान्ति...
सफर की धुप में सायो की याद आती है। सफर की धुप में सायोकी याद आती है।भुले हुओं को जैसे...
सुन मेरी कामनाओं देखो जी हद से दूर ना जाना स्वर- सुन मेरे साजना सुन मेरी कामनाओं देखोजी हद से दूर...
तेरे मन के कुविचार,करे छुप छुप स्वर :- तेरे प्यार में दिलदार तेरे मन के कुविचार,करे छुप छुपपापा चार कोई देखे...
बीती जा दिन रैन कर्म कुछ कर जाओ स्वर :- मै जागू सारी रैन बीती जा दिन रैन कर्मकुछ कर जाओदुर्व्यसनों...
ये मेरे भवन ये तेरे भवन कब छोड़ चले स्वर :- ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम ये मेरे भवन ये...
प्रभो याद आये बहुत याद आये सबे जिन्दगी स्वर :- वो जब याद आये प्रभो याद आये बहुतयाद आये सबे जिन्दगीके अन्धेरे...
जीना भी अब तो ऐसा दुश्वार हो गया। जीना भी अब तोऐसा दुश्वार हो गया।पैदा होते ही आदमीबिमार हो गया।।बिषदान कर...
कितना भी डालियगा हजरत नकाब को।। कितना भी डालियगाहजरत नकाब को।।चेहरा बता ही देगादिल की किताब को।। भीतर की सब हकीकतआंखें...
दामन में आग लगा बैठे दामन में आग लगा बैठेसपनों का बाग जला बैठेतृष्णाओं के दरिया कीधारा बढ़ती ही रहीबढ़ती...
अर्थीं उठाके यार ही श्मशान ले चले स्वरः - अपने किये पे कोई पशेमान हो गया अर्थीं उठाके यार ही श्मशान...
मुझे जब मेरा बचपन और जवानी याद आती है।। स्वर :- बेदर्दी बालमा तुझको मुझे जब मेरा बचपनऔर जवानी याद आती है।।पिता...
जीवन की राहों में चलना सम्भल के।। स्वर :- मुहब्बत की राहों में जीवन की राहों मेंचलना सम्भल के।।फूलो में रहते...
विवेकी नर दुखों में भी घबराया नहीं करते।। स्वरः ख्यालो में किसी के विवेकी नर दुखों में भीघबराया नहीं करते।।अगन...
एक प्यारा सा गांव, जिसमें पीपल की एक प्यारा सा गांव,जिसमें पीपल कीछांव हम उसे छोडकर,उससे मुख मोडकरअन्जान से हो गये...
चेहरा जैसा भी लगाते जाइये।। चेहरा जैसा भी लगाते जाइये।।शर्त है कि मुस्कराते जाइये।।रोशनी तकलीफ दे गरअपनीआंखो को,ऐसे दीपकको बुझाते जाइये।।१।। है...
बहुत हुऐ नाकाम काटों से दामन बहुत हुऐ नाकामकाटों से दामनअपना फंसाके,ख्वाबों की दुनियांका ऐसा नगर है,जिसकी ना मंजिलकोई अंधी डगर...
वाणी तुझे सजाऊँ, मधुमय तुझे बनाऊँ मेरे मन के चिन्तनों से अमृत तुझे पिलाऊँ कितने जतन से मिलती अनमोल मेधा बुद्धि वाणी से...
आचरण में धर्म को जो धारकर चले। आचरण में धर्म कोजो धारकर चले।बस वही जीवन काबेड़ा पार कर चले ।। यतो...
जल से हो शुद्धि तन की-सत्य से शुद्धि मन की। (धुन-ताँगा लाहोरी मेरा) जल से हो शुद्धि तनकी-सत्य से शुद्धि...
जीवन पर काँटों का घेरा कठिन डगर पर डाले डेरा ज्योत जला दो आशा की प्रभु जागे अन्तर मेरा ॥ जीवन...
प्रकाशित हृदय में ईश्वर भक्त के समाए साँचा रूप साँचा रंग मन में दिखाए ॥ प्रकाशित हृदय में… दिव्य रूप तेरी ज्योति...
धर्म कर्म के बिना मोल जीवन का कहाँ लेख जीवों के लिखे वो पिता परमात्मा ॥ योनि योनि घूम के जन्म कर्म...
बिन माँगे सब मिला है क्या और माँगता दाता प्रभु तू दानी सब कुछ है जानता ॥ विन मांगे… तेरे सूर्य चन्द्र...
भगवन् तेरे चरणों में दो दिन तो रहे होते और वेद के सागर में जी भर के बहे होते ॥ स्वार्थ न...
कोटि कोटि रूप तेरे कोटि कोटि नाम तिहारे तेरी ज्योति से है रोशन सूर्य चन्द्र अगणित तारे ॥ कोटि.. दिव्य अंकुरों में...
जागरे मेरे मन गाले हरि के गुण क्या पता ये जीवन रहे ना रहे…. जाग रे…. दाता वृष्टि सुखों की बरसाए ध्याये वही...
जन्म दिया और काया बदली सुख की प्रभु ने छाया कर दी…जन्म दिया जिसे बनाया सुख का साथी दुःख आया तो टूटा नाता मेरे...
जारे शरण प्रभु की जा, रे मनवा आनन्द रस सुख पा रे पा रे जारे शरण… सच्चिदानन्द की अद्भुत महिमा कण कण का आधार जारे...
मनवा मनवा गया हीरा जन्म क्यूँ छोड़ के क्या मिला तुझको कौड़ियाँ जोड़ के !! समझ ना आई तुझे इस संसार की कदर...
ये पापों का जीवन है और मैं हूँ अथाह सागर भँवर है और मैं हूँ ॥ तेरे पुरुषार्थ से सृष्टि में जीवन,...
ओ३म् रस पीके मस्त हुआ मनवा जागा प्रेम मेरा ॥ मन मतवारा ओ३म् ओ३म् गाए चरणों में बैठ प्रभु के आनन्द पाए अन्तर्मन करे...
कर श्रवण वेद का वेद के पाठियो अब तुम्हारे हवाले धरम साथियो ॥ जो समय है मिला व्यर्थ खोना नहीं अन्त आया तो...
माँगू तुम्हीं से कि तुझको ही पाऊँ तेरी भक्ति में अपने मन को लगाऊँ !! ये जग के प्रलोभन क्यूँ हरदम सताएँ काँटों...
क्यूँ भूलता तेरी मंजिल कहाँ रे? जीवन को दोए तू पहुँचा कहाँ रे ॥ क्यूँ रहके जगत में करे ना भलाई ? कभी...
क्यूँ ढूँढ़ रहा जग में हृदय में प्रभु रहते आनन्द स्रोत ईश के यहाँ बहते ही रहते ॥ दुष्कर्म के जंगल में...
भक्ति में मन लगा, मिलेगा आनन्द तुझको शरण प्रभु की सुखदाई है वही सच्चा पिता सबका बन्धु सखा जिसने सृष्टि सकल रचाई है...
ध्यान में आए हृदय में समाए आत्मा में कई निज रूप दिखाए हर्षित हो मन प्रभु गुण गाता है प्रभु चरणों में आनन्द...
अनमोल है जीवन तो फिर इसको गवाँ नहीं जब तक हैं प्राण तन में प्रभु को भुला नहीं ॥ मन में क्यूँ...
बूँद दे अमृत भरी प्यासी चातक जैसे अखियाँ प्रीत बावरी उमड़ आए तेरे दर्शन को मेरी…… सत्य रूप है ओ३म् प्यारा, प्राणी मात्र का इक...
बचा ले अपनी जीवन नैया यात्री आत्मा भोले रे ॥ पाप के छेद हैं नाव में तेरी जग सागर में डाले रे ॥...
स्वयं को भी ना जो समझे स्वयं को भी ना जो समझेवो यह संसार क्या जाने।।परिदें है अन्धेरों के भलाउजियार क्या...
सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया।। सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया।।राहों में...
ना पटको जीवन की माला ना पटको जीवन की माला ये मोती टूट जायेगें,तुम्हारे सपनों के सावननहीं तो रूठ जायेगें,दिये की...
बचपन सम्भालना बचपन संवारना दिन जिन्दगी बचपन सम्भालना बचपनसंवारना दिन जिन्दगीके सारे हंस के गुज़ारनाकलियों में ही छुपी हैफूलों की मुस्कराटे,इनको...
भजनवा ऐसा होय हमार मन का वचन का और कर्म का भजनवा ऐसा होय हमारमन का वचन का और कर्म...
मानव देह में जीव को है मानव देह में जीव को हैंस्वतन्त्र अधिकार कर्म के,सुख चाहे तो जीवन मेंदस लक्षण धार...
समझा था कि हम भी, काबिल हो गये। समझा था कि हम भी, काबिल हो गये।आज सब अरमान, धूमिल हो गये...
शान्ति कीजिये प्रभू मेरे मन में। ओं द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापःशान्तिरोषधयः शान्तिः ।वनस्पतयः शान्तिर्विश्वे देवाःशान्तिर्ब्रह्मशान्तिः सर्वशान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सामा...
प्रसन्न है जो प्रसन्न रहें रूठे जो रूठे रहने दो । प्रसन्न है जो प्रसन्न रहें रूठेजो रूठे रहने दो ।दिल...
पाप जुल्म का करना है पाप जुल्म का करना है,महा पाप जुल्म का सहना है।इसीलिये तो वीरों तुमसे,आज मुझे कुछ कहना...
जाने के फाटक खुले हुए जाने के फाटक खुले हुए,और आने के बन्द रहते हैं।इतना तो बता दो आज हमें,क्या धर्म...
सदियों से हमको अपनी,भूलों ने मार डाला। सदियों से हमको अपनी,भूलों ने मार डाला।कांटों से बच गये थे,फूलों ने मार डाला।। समझौता...
वर्ण व्यवस्था आश्रम प्रणाली जब तक ना अपनाओगे। वर्ण व्यवस्था आश्रम प्रणालीजब तक ना अपनाओगे।तब तक जीवन यात्रा काआनन्द नहीं ले...
लाखों जगाने वाले आये (धुन- मिलो न तुम तो दिल घबराये) लाखों जगाने वाले आयेफिर भी ना जग पाये।तुम्हें क्या हो...
भूल हम सबकी है (धुन- बधे एक डोरी से) भूल हम सबकी है,जाने कब-2 की है,जिसका यह भयंकर परिणाम,अजी दोषी नहीं...
ओ दुनिया वालो, यह देश हमारा (धुन-फिरकी वाली तू कल फिर) ओ दुनिया वालो, यह देश हमारा,कभी नहीं, हारा लड़ाई के...
यदि सुख चाहो तो धारलो यदि सुख चाहो तो धारलो,जीवन में नित्य कर्म तुम।। टेक ।। प्रातः सायं एकान्त स्थान मेंस्वयं शुद्ध...
इस घर के प्रहरी निद्रा में गहरी,सोये रे।(धुन- कोई शहरी बाबु) इस घर के प्रहरी निद्रा में गहरी,सोये रे।अब कौन...
अगर महर्षि की बातों के ऊपर विश्वास होता।(धुन- अगर दिल हमारा शीशे के बदले….. अगर महर्षि की बातों केऊपर विश्वास होता।विश्वास...
वह कौन आया चौक उठी है वह कौन आया चौक उठी हैदुनिया जिसके नाम से।पाखण्डियों में हलचलमच गई है किसके प्रोग्राम...
नगर में डगर में झौपड़ी चौबारों में। नगर में डगर में झौपड़ी चौबारों में।गाये जाओं गीत ऋषि के स्वरोंकी झंकारों में।।...
किस्मत का नहीं हूँ दीवाना (कर्मवीर के उद्‌गार) किस्मत का नहीं हूँ दीवाना,आशिक हूँ मै तदवीरों का,मुझसे रोना नहीं आता हैइन...
क्रोध बोध मे विरोध क्रोध क्रोध बोध मे विरोध क्रोधऔर बोध कभी हो एक नहीं,जहां क्रोध का डेरा हो वहांठहरे बोध...
मन की गति संवार रे मानव जीवन का उद्धार कर पर द्रव्येष्वभिध्यानम्, मनसानिष्ठाचिन्तनम् ।वितथाभिनिवेशश्च त्रिविधम् कर्म मानसन् ।। मन की गति संवार...
सुख की वर्षा हो भगवन इस परिवार में। (यज्ञ के पश्चात याज्ञिक परिवार को धन्यवाद) सुख की वर्षा हो भगवन इस...
यदि आप चाहो घर में स्वर्ग झलकी यदि आप चाहो घर में स्वर्ग झलकी,आज व्रत धारो छोड़ो बात कलक। टेक।,पुत्र पिता...
पथ पथिक अपना बना ले पथ पथिक अपना बना लेमत किसी का आसरा ले,तेरी भी सत्ता भी अटल हैफिर बता तू...
विषय वासनाओं में क्यों जिन्दगी बिगाड़े हैं। विषय वासनाओं मेंक्यों जिन्दगी बिगाड़े हैं।अपने ही आप अपनीजड़ों को उखाड़े है।। साफ सुथरी चादर...
तन से तन मिले हैं। तन से तन मिले हैं।मगर कभी न दिल मिले।मन में द्वेष छल कपटचेहरों से खिल मिले।...
समय है आज यह आपस में मिलकर रहने का। (धुन-हमें तो लूट लिया मिल के) समय है आज यह आपसमें मिलकर...
जालिम जमाने तूने हम जालिम जमाने तूने हमपर कितना बुरा असर डाला।मन में वचन में और कर्ममें कर भारी अन्तर डाला।...
चाहे लाख मचाओं शोर कभी नहीं चाहे लाख मचाओंशोर कभी नहींबक्शें जायेगें मूर्खऔर कमजोर।। टेक ।। रोगों में प्रधान जगमें मूर्खता कमजोरी...
जो कभी थे हमारे फट कर के न्यारे न्यारे। जो कभी थे हमारेफट कर के न्यारे न्यारे।वह आज सारे हमसेकितनी दूर...
जरूरत देश को है आज नौजवानों की। (धुन-हमे तो लूट लिया) जरूरत देश को हैआज नौजवानों की।देश दीवानों की वीरमर्दानों की।।...
ज्यों-ज्यों करे सुधार त्यों त्यों हो रहा बिगाड़ ही। ज्यों-ज्यों करे सुधारत्यों त्यों हो रहा बिगाड़ ही।करी थी रक्षार्थ खेतखा रही...
रघुपति राघव राजा राम राम (धुन-मैंने जीना सीख लिया) रघुपति राघव राजा राम रामपता ना पावें सीता रामतेरा मेरा सब बेकार,ताकत...
कैसे मिला है यह तन तुम (धुन-बार-बार तोहे क्या समझायें) कैसे मिला है यह तन तुमको कभी ना किया विचार।प्रभु भक्ति...
राम राज्य में सकल पदार्थ कृष्ण राज्य में दूध और घी। राम राज्य में सकल पदार्थकृष्ण राज्य में दूध और घी।वर्तमान...
हमें अपने भारत से पहले भी प्यार था। (धुन-सौ साल पहले मुझे तुम से प्यार था) हमें अपने भारत सेपहले भी...
विश्व विजयी मनु का प्यारा विश्व विजयी मनु का प्याराडंडा ऊँचा रहें हमारा। टेक।धर्म कर्म ऋषियों की वाणीसे जिसको हो गई...
हरा भरा है बाग फलों से लदी हुई है डाली । हरा भरा है बाग फलों सेलदी हुई है डाली ।अपने...
जवानी गई स्वांग सिनेमा घरों में। जवानी गई स्वांग सिनेमा घरों में।फैशन के झूठे आडम्बरों में ।।बचपन में जो कभी शेरों...
ए जवा ए नाँ जवाँ तेरे घर के पास ही है लगी (धुन-ओ महबूबा) ए जवा ए नाँ जवाँ तेरेघर के...
हलचल हो रही संसार में (धुन-हम तो लुट गये तेरे प्यार मे) हलचल हो रही संसार में,जाने तुमको खबर कब होगी।...
आज पूर्ति करनी है आज पूर्ति करनी हैभारत मां के अरमानों की।आलस्य और प्रमाद छोड़करबाजी लगा दों प्राणों की । टेक। एक...
जवानों तुम्हें पग बढ़ाना पड़ेगा जवानों तुम्हें पग बढ़ाना पड़ेगा,जो कह रहे हो करकेअब दिखाना पड़ेगा। टेक। मेहनतकश निर्धन के बच्चेदिन और...
जन-जन का तन मन निर्मल होगा सुन्दर (धुन-रिमझिम बरसता) जन-जन का तन मननिर्मल होगा सुन्दर,सुहाना हरपल होगा।सच्चा सपना अपनाभारत उज्वल होगा।...