परमेश्वर का कर गुणगान, वह ही है रक्षक भगवान्।

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परमेश्वर का कर गुणगान, वह ही है रक्षक भगवान्।

भक्ति

परमेश्वर का कर गुणगान,
वह ही है रक्षक भगवान् ।
ओ३म्-ओ३म् का जाप किये जा,
गायत्री का पाठ किये जा।
हो जाए तेरा कल्याण।।
वह ही है रक्षक भगवान…………..

सत्संग में नित्य आया कर,
जीवन सफल बनाया कर,
माया का मत कर अभिमान।।
वह ही है रक्षक भगवान…………..

सेवा अपना लक्ष्य बना ले,
दीन-दुःखी के कष्ट मिटा दे।
पर का तू कर कल्याण ।।
वह ही है रक्षक भगवान…………..

‘नन्दलाल’ तू होश में आ,
जीवन अपना सफल बना।
अपना आप करो कल्याण।।
वह ही है रक्षक भगवान…………..

या वै भूमा तत्सुखम् ।
सुख ईश्वर में है।