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आँच ना कोई भी आये, मेरे वतन को।

आँच ना कोई भी आये, मेरे वतन को। तर्ज - पंछी बनूं उड़ती फिरूँ……. आँच ना कोई भी आये, मेरे वतन को।खून...
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आये न नज़र, नादान बशर तर्ज - जाने न नज़र…… आये न नज़र, नादान बशर,तेरे दिल में प्रभु समाया।ना देख उसे...
हो...अब ना छुपाऊँगा तर्ज - सपनों में आऊँगी हो... अब ना छुपाऊँगा,सबको बताऊँगा।अपनी जुबां से मैं,गाके सुनाऊँगा।जिसने रचाया संसार,वो दाता है...
शत्-शत् है नमन,तुझे धन-धन-धन तर्ज - कोई शहरी बाबू शत्-शत् है नमन,तुझे धन-धन-धन,ओ माँ तेरे रूप अनेकों हैं,ये अब मैं जान...
सारा जहाँ रचाकर, हे प्रभु कहाँ छुपा है। तर्ज - मेरे दिल में आज क्या है…… सारा जहाँ रचाकर,हे प्रभु कहाँ...
पीना दे छोड़, पीना दे तर्ज - वादा ना तोड़.. पीना दे छोड़, पीना देछोड़ तेरे बच्चे ये तड़फें……..बोतल दे...
नैना मूंदकर ध्यान लगा रे। तर्ज - झनक झनक तोरी बाजे……. नैना मूंदकर ध्यान लगा रे।मिलेगा तुझको तेरा सखा रे।। है वो सारे...
तेरा हूँ मैं, तू मेरा ये तर्ज - कसमें वादे प्यार वफा…… तेरा हूँ मैं, तू मेरा ये,बातें हैं बातों का...
भूल गये क्यूँ, उस दाता को जिसका ये जहान है। तर्ज - ये कौन आया (क्यों मेरी रानी) भूल गये...
ना उसको तू पहचान पाया तर्ज - नाव काग़ज़ की गहरा है पानी ना उसको तू पहचान पाया,हर दिल में वो...
ज़िन्दगी में पाप की ना कोई भी कमायी कर। तर्ज - सुविधानुसार ज़िन्दगी में पाप की ना,कोई भी कमायी कर।मन में...
मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ। तर्ज - मैं कहीं कवि ना बन जाऊँ मैं कभी, ना दिल से बिसराऊँ।तेरा नाम हे...
संभल-संभल के चल रे बन्दे तर्ज - देख तेरे संसार की हालत……. संभल-संभल के चल रे बन्दे,राह में बिछे हैं शूल।उड़ रही...
क्यूँ पीता है, बोतल तू तर्ज - चल सन्यासी मन्दिर में क्यूँ पीता है, बोतल तू -3छोड़ दे इसका पीना...
ना बहन किसी की है कोई तर्ज - दिल लूटने वाले जादूगर……. ना बहन किसी की है कोई,ना किसी का कोई...
तर्ज -तुम अगर साथ देने का वादा करो…. छल फरेबी से जीवन,बिताया अगर,ज़िन्दगी ये समझ ले रे,बेकार है। पाप दिल...
आयी थी जिसकी बारात,की विदा प्रीतम के साथ। तर्ज - वक्त से दिन और रात……. (कल जहाँ बसती थी खुशियाँ,आज है...
मेरी अखियों से दूर, चली होके मजबूर तर्ज - तेरी दुनियाँ से दूर…… दहेज की आग में एक देवी जलायी गयी,...
प्रभु कहाँ छुपा है तर्ज - ओ रात के मुसाफिर, चन्दा…… प्रभु कहाँ छुपा है,इतना काई बता दो।उसका कहाँ मकां है,इतना...
हे प्रभु अमृत पिला, मुझको अविद्या से बचा ॥ काम क्रोध, न लोभ मोह, ना वासना में मन लगे अप्रशस्त जो भाव...
माँ कली हूँ तेरे गुलशन की तर्ज - 1-तेरी याद में जलकर देख…… माँ के गर्भ में बच्या पल रहा है...
श्मशान की राहों में हमनें श्मशान की राहों में हमनें श्मशान की राहों में हमनें,चलती एक दिन अर्थी देखी।बनकर जो आयी थी...
अरे किसने चिता में ये,मेरी बेटी जला दी है। तर्ज - मुझे तेरी मोहब्बत का….. श्मशान भूमि में जिन्दा जली बेटी की...
लोग पागल हुये फिर रहे हैं तर्ज - इश्क़ में हम तुम्हें……. लोग पागल हुये फिर रहे हैं,इन्हें पाखण्ड़ से कैसे...
अन्धकार में है जीवन,हे ईश दया कर दो। तर्ज - होठों से छू लो तुम……. अन्धकार में है जीवन,हे ईश दया...
भारत माता की नैंया, है बीच धार में। तर्ज - अफ़‌साना लिख रही हूँ……. भारत माता की नैंया,है बीच धार में।ना...
राहें हैं बहुत मुश्किल,जरा सोच समझ के चलना रे तर्ज - कहीं दीप जले कहीं दिल…… राहें हैं बहुत मुश्किल,जरा सोच...
उस प्रभु को, अगर भुलाओगे तर्ज - तुम मुझे यूं भुला न……. उस प्रभु को, अगर भुलाओगेयाद रखना ये बात सच...
ढूंढ़नें से मेहरबाँ वो ना मिला ना मिला तर्ज - कल चमन था आज ये…… ढूंढ़नें से मेहरबाँ वोना मिला ना मिलाउसका...
दिन सारे गवाये जीवन के स्वर :- दिन सारा गुजारा तेरे अंगना दिन सारे गवाये जीवन के,बचपन के यौवन के मेरे...
अन्धेरों ने मेरे नयन छिन कर स्वरः - बहारों ने मेरा चमन छिन कर अन्धेरों ने मेरे नयन छिन करउलझनो का...
तेरी रचना को देखू भगवन मै। स्वर :- सपने सुहाने लड़कपन के तेरी रचना को देखू भगवन मै।उठे खुशियों की लहरें...
महर्षि की जो नसीहत उनसे सुधार होगा महर्षि की जो नसीहतउनसे सुधार होगाहर घर सलोना सुन्दरसुसंस्कार होगा। विद्यार्थी विद्या अर्थी गृहस्थीहो...
वेद की राहों का परवाना हूं मैं।। स्वर :- हां दीवाना हूं मैं वेद की राहों का परवाना हूं मैं।।कोई भ्रान्ति...
सफर की धुप में सायो की याद आती है। सफर की धुप में सायोकी याद आती है।भुले हुओं को जैसे...
सुन मेरी कामनाओं देखो जी हद से दूर ना जाना स्वर- सुन मेरे साजना सुन मेरी कामनाओं देखोजी हद से दूर...
तेरे मन के कुविचार,करे छुप छुप स्वर :- तेरे प्यार में दिलदार तेरे मन के कुविचार,करे छुप छुपपापा चार कोई देखे...
बीती जा दिन रैन कर्म कुछ कर जाओ स्वर :- मै जागू सारी रैन बीती जा दिन रैन कर्मकुछ कर जाओदुर्व्यसनों...
ये मेरे भवन ये तेरे भवन कब छोड़ चले स्वर :- ओ मेरे सनम ओ मेरे सनम ये मेरे भवन ये...
प्रभो याद आये बहुत याद आये सबे जिन्दगी स्वर :- वो जब याद आये प्रभो याद आये बहुतयाद आये सबे जिन्दगीके अन्धेरे...
जीना भी अब तो ऐसा दुश्वार हो गया। जीना भी अब तोऐसा दुश्वार हो गया।पैदा होते ही आदमीबिमार हो गया।।बिषदान कर...
कितना भी डालियगा हजरत नकाब को।। कितना भी डालियगाहजरत नकाब को।।चेहरा बता ही देगादिल की किताब को।। भीतर की सब हकीकतआंखें...
दामन में आग लगा बैठे दामन में आग लगा बैठेसपनों का बाग जला बैठेतृष्णाओं के दरिया कीधारा बढ़ती ही रहीबढ़ती...
अर्थीं उठाके यार ही श्मशान ले चले स्वरः - अपने किये पे कोई पशेमान हो गया अर्थीं उठाके यार ही श्मशान...
मुझे जब मेरा बचपन और जवानी याद आती है।। स्वर :- बेदर्दी बालमा तुझको मुझे जब मेरा बचपनऔर जवानी याद आती है।।पिता...
जीवन की राहों में चलना सम्भल के।। स्वर :- मुहब्बत की राहों में जीवन की राहों मेंचलना सम्भल के।।फूलो में रहते...
विवेकी नर दुखों में भी घबराया नहीं करते।। स्वरः ख्यालो में किसी के विवेकी नर दुखों में भीघबराया नहीं करते।।अगन...
एक प्यारा सा गांव, जिसमें पीपल की एक प्यारा सा गांव,जिसमें पीपल कीछांव हम उसे छोडकर,उससे मुख मोडकरअन्जान से हो गये...
चेहरा जैसा भी लगाते जाइये।। चेहरा जैसा भी लगाते जाइये।।शर्त है कि मुस्कराते जाइये।।रोशनी तकलीफ दे गरअपनीआंखो को,ऐसे दीपकको बुझाते जाइये।।१।। है...
बहुत हुऐ नाकाम काटों से दामन बहुत हुऐ नाकामकाटों से दामनअपना फंसाके,ख्वाबों की दुनियांका ऐसा नगर है,जिसकी ना मंजिलकोई अंधी डगर...
वाणी तुझे सजाऊँ, मधुमय तुझे बनाऊँ मेरे मन के चिन्तनों से अमृत तुझे पिलाऊँ कितने जतन से मिलती अनमोल मेधा बुद्धि वाणी से...
आचरण में धर्म को जो धारकर चले। आचरण में धर्म कोजो धारकर चले।बस वही जीवन काबेड़ा पार कर चले ।। यतो...
जल से हो शुद्धि तन की-सत्य से शुद्धि मन की। (धुन-ताँगा लाहोरी मेरा) जल से हो शुद्धि तनकी-सत्य से शुद्धि...
जीवन पर काँटों का घेरा कठिन डगर पर डाले डेरा ज्योत जला दो आशा की प्रभु जागे अन्तर मेरा ॥ जीवन...
प्रकाशित हृदय में ईश्वर भक्त के समाए साँचा रूप साँचा रंग मन में दिखाए ॥ प्रकाशित हृदय में… दिव्य रूप तेरी ज्योति...
धर्म कर्म के बिना मोल जीवन का कहाँ लेख जीवों के लिखे वो पिता परमात्मा ॥ योनि योनि घूम के जन्म कर्म...
बिन माँगे सब मिला है क्या और माँगता दाता प्रभु तू दानी सब कुछ है जानता ॥ विन मांगे… तेरे सूर्य चन्द्र...
भगवन् तेरे चरणों में दो दिन तो रहे होते और वेद के सागर में जी भर के बहे होते ॥ स्वार्थ न...
कोटि कोटि रूप तेरे कोटि कोटि नाम तिहारे तेरी ज्योति से है रोशन सूर्य चन्द्र अगणित तारे ॥ कोटि.. दिव्य अंकुरों में...
जागरे मेरे मन गाले हरि के गुण क्या पता ये जीवन रहे ना रहे…. जाग रे…. दाता वृष्टि सुखों की बरसाए ध्याये वही...
जन्म दिया और काया बदली सुख की प्रभु ने छाया कर दी…जन्म दिया जिसे बनाया सुख का साथी दुःख आया तो टूटा नाता मेरे...
जारे शरण प्रभु की जा, रे मनवा आनन्द रस सुख पा रे पा रे जारे शरण… सच्चिदानन्द की अद्भुत महिमा कण कण का आधार जारे...
मनवा मनवा गया हीरा जन्म क्यूँ छोड़ के क्या मिला तुझको कौड़ियाँ जोड़ के !! समझ ना आई तुझे इस संसार की कदर...
ये पापों का जीवन है और मैं हूँ अथाह सागर भँवर है और मैं हूँ ॥ तेरे पुरुषार्थ से सृष्टि में जीवन,...
ओ३म् रस पीके मस्त हुआ मनवा जागा प्रेम मेरा ॥ मन मतवारा ओ३म् ओ३म् गाए चरणों में बैठ प्रभु के आनन्द पाए अन्तर्मन करे...
कर श्रवण वेद का वेद के पाठियो अब तुम्हारे हवाले धरम साथियो ॥ जो समय है मिला व्यर्थ खोना नहीं अन्त आया तो...
माँगू तुम्हीं से कि तुझको ही पाऊँ तेरी भक्ति में अपने मन को लगाऊँ !! ये जग के प्रलोभन क्यूँ हरदम सताएँ काँटों...
क्यूँ भूलता तेरी मंजिल कहाँ रे? जीवन को दोए तू पहुँचा कहाँ रे ॥ क्यूँ रहके जगत में करे ना भलाई ? कभी...
क्यूँ ढूँढ़ रहा जग में हृदय में प्रभु रहते आनन्द स्रोत ईश के यहाँ बहते ही रहते ॥ दुष्कर्म के जंगल में...
भक्ति में मन लगा, मिलेगा आनन्द तुझको शरण प्रभु की सुखदाई है वही सच्चा पिता सबका बन्धु सखा जिसने सृष्टि सकल रचाई है...
ध्यान में आए हृदय में समाए आत्मा में कई निज रूप दिखाए हर्षित हो मन प्रभु गुण गाता है प्रभु चरणों में आनन्द...
अनमोल है जीवन तो फिर इसको गवाँ नहीं जब तक हैं प्राण तन में प्रभु को भुला नहीं ॥ मन में क्यूँ...
बूँद दे अमृत भरी प्यासी चातक जैसे अखियाँ प्रीत बावरी उमड़ आए तेरे दर्शन को मेरी…… सत्य रूप है ओ३म् प्यारा, प्राणी मात्र का इक...
बचा ले अपनी जीवन नैया यात्री आत्मा भोले रे ॥ पाप के छेद हैं नाव में तेरी जग सागर में डाले रे ॥...
“कन्याओं का हो सर्वांगीण विकास – बने आत्मनिर्भर, साहसी और संस्कारी”150वाँ आर्य समाज स्थापना वर्ष विशेषस्थान: हिन्दू कन्या वरिष्ठ माध्यमिक...
आर्य समाज गोठना-गुन्नौर (सम्भल) का 46वाँ वार्षिकोत्सव – आर्यवर्त के आर्य जागो! आर्य समाज स्थापना के 150वें वर्ष पर तीन दिवसीय...
आर्य समाज सुमेरपुर (अलीगढ़) द्वारा 68वाँ वार्षिकोत्सव एवं सामवेद पारायण महायज्ञ का आयोजन संपूर्ण ग्रामवासियों व क्षेत्रवासियों को आमंत्रण - यज्ञो...
स्थान: आर्य समाज, हिम्मतपुर काकामई, एटा (उ.प्र)आयोजक: महर्षि दयानंद सेवा समिति, एटा आर्य समाज हिम्मतपुर काकामई, एटा में महर्षि दयानंद सरस्वती...
रायपुर (छत्तीसगढ़)महर्षि दयानन्द सरस्वती जी की 200वीं जयंती एवं आर्य समाज की स्थापना के 150वें वर्ष के महापावन उपलक्ष्य में...
करतारपुर (पंजाब),आर्य समाज की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में गुरु विरजानन्द गुरुकुल महाविद्यालय, करतारपुर के तत्वावधान में पंजाब प्रान्तीय आर्य...
नई दिल्ली। असस्ती आर्य समाज के सहयोग से सुशील राज आर्य प्रतिभा विकास संस्थान द्वारा संघ लोक सेवा आयोग (UPSC)...
आर्य वीरांगना दल, दिल्ली प्रदेश द्वारा आयोजितविशाल चरित्र निर्माण एवं आत्मरक्षा प्रशिक्षण शिविर📅 दिनांक: रविवार, 18 मई 2025 से रविवार,...
स्थान: स्वामी श्रद्धानंद वैदिक गुरुकुल आश्रम, माँ नर्मदा यज्ञपीठ, देवरीकला, बिछिया, जिला डिण्डौरीतिथि: 9 मई 2025 (शुक्रवार) से 16 मई...
स्वयं को भी ना जो समझे स्वयं को भी ना जो समझेवो यह संसार क्या जाने।।परिदें है अन्धेरों के भलाउजियार क्या...
सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया।। सब कुछ लुटा के होश में आये तो क्या किया।।राहों में...
ना पटको जीवन की माला ना पटको जीवन की माला ये मोती टूट जायेगें,तुम्हारे सपनों के सावननहीं तो रूठ जायेगें,दिये की...
बचपन सम्भालना बचपन संवारना दिन जिन्दगी बचपन सम्भालना बचपनसंवारना दिन जिन्दगीके सारे हंस के गुज़ारनाकलियों में ही छुपी हैफूलों की मुस्कराटे,इनको...
भजनवा ऐसा होय हमार मन का वचन का और कर्म का भजनवा ऐसा होय हमारमन का वचन का और कर्म...
मानव देह में जीव को है मानव देह में जीव को हैंस्वतन्त्र अधिकार कर्म के,सुख चाहे तो जीवन मेंदस लक्षण धार...
समझा था कि हम भी, काबिल हो गये। समझा था कि हम भी, काबिल हो गये।आज सब अरमान, धूमिल हो गये...
शान्ति कीजिये प्रभू मेरे मन में। ओं द्यौ: शान्तिरन्तरिक्षं शान्तिः पृथिवी शान्तिरापःशान्तिरोषधयः शान्तिः ।वनस्पतयः शान्तिर्विश्वे देवाःशान्तिर्ब्रह्मशान्तिः सर्वशान्तिः शान्तिरेव शान्तिः सामा...
प्रसन्न है जो प्रसन्न रहें रूठे जो रूठे रहने दो । प्रसन्न है जो प्रसन्न रहें रूठेजो रूठे रहने दो ।दिल...
पाप जुल्म का करना है पाप जुल्म का करना है,महा पाप जुल्म का सहना है।इसीलिये तो वीरों तुमसे,आज मुझे कुछ कहना...
जाने के फाटक खुले हुए जाने के फाटक खुले हुए,और आने के बन्द रहते हैं।इतना तो बता दो आज हमें,क्या धर्म...
सदियों से हमको अपनी,भूलों ने मार डाला। सदियों से हमको अपनी,भूलों ने मार डाला।कांटों से बच गये थे,फूलों ने मार डाला।। समझौता...
वर्ण व्यवस्था आश्रम प्रणाली जब तक ना अपनाओगे। वर्ण व्यवस्था आश्रम प्रणालीजब तक ना अपनाओगे।तब तक जीवन यात्रा काआनन्द नहीं ले...
लाखों जगाने वाले आये (धुन- मिलो न तुम तो दिल घबराये) लाखों जगाने वाले आयेफिर भी ना जग पाये।तुम्हें क्या हो...
भूल हम सबकी है (धुन- बधे एक डोरी से) भूल हम सबकी है,जाने कब-2 की है,जिसका यह भयंकर परिणाम,अजी दोषी नहीं...
ओ दुनिया वालो, यह देश हमारा (धुन-फिरकी वाली तू कल फिर) ओ दुनिया वालो, यह देश हमारा,कभी नहीं, हारा लड़ाई के...
यदि सुख चाहो तो धारलो यदि सुख चाहो तो धारलो,जीवन में नित्य कर्म तुम।। टेक ।। प्रातः सायं एकान्त स्थान मेंस्वयं शुद्ध...