उत्तरायण पर्व का प्रारम्भ हो इस पर्व से।
उत्तरायण पर्व का
प्रारम्भ हो इस पर्व से।
उत्तरोत्तर उच्चता का
पाठ सीखें पर्व से।।1।।
मकर की संक्रान्ति का
यह पर्व उन्नति सिद्ध है।
कदम आगे नित बढ़ाना,
सीख लें उस पर्व से।।2।।
रात छोटी दिन बड़े अब,
हो यहाँ क्रम से रहे।
ज्योति अन्दर की बढ़ाना,
सीख लें इन पर्व से।।3।।
भीष्म से आदित्य का,
अब सान इस दिन था हुआ।
ब्रह्मादिक गुणों को,
धार लें इस पर्व से।।4।।
मकर संक्रान्ति का त्यौहार सारे भारतवर्ष में 14 जनवरी को मनाया जाता है। इस दिन से सूर्य उत्तरायण हो जाने से प्रकृति में बदलाव शुरू हो जाता है। सूर्य के उत्तरायण होने से शीत ऋतु से राहत मिलना आरम्भ हो जाता है।










