देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी
देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी,
तू किसी जीव को भी सताया न कर।
न किसी पे जरा-सी दया कर सके,
तो जुल्म भी किसी पे तू ढ़ाया न कर।।
देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी,तू किसी जीव…..
इन पशु-पक्षियों को तू मारा न कर,
मौत के घाट इनको उतारा न कर।
अपनी छः इंच लम्बी जुबां के लिये,
बेजुबानों पे छुरियाँ चलाया न कर।।
देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी,
तू किसी जीव………
इन बेचारों ने तेरा बिगाड़ा है क्या,
कोई घर-बार तेरा उजाड़ा है क्या।
दो घड़ी दो घड़ी की लहर के लिए,
इन गरीबों के खूं से नहाया न कर।।
देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी, तू किसी जीव…….
निरपराधों को तकलीफ देता है क्यों,
जिन्दगी दे सके न, तो लेता है क्यों।
जग में इनको भी जीने का अधिकार है,
बेरहम इनका जीवन मिटाया न कर।।
देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी, तू किसी जीव……..
जैसे बच्चे हैं सब लाडले आपके,
ये भी वैसे ही प्यारे है माँ बाप के।
दीन बच्चे किसी के ‘पधिक’ मारकर,
अपने बच्चों को हरगिज खिलाया न कर।।
देख बन्दे तेरी है यही बन्दगी, तू किसी जीव………..










