धन्य है बलिदान श्रद्धानन्द का।
धन्य है बलिदान श्रद्धानन्द का।
धन्य जीवनदान श्रद्धानन्द का।।1।।
आर्य नर-नारी सभी मिलकर करें।
आज गौरव-गान श्रद्धानन्द का।।
धन्य है बलिदान………..
बोल भारत की धरा जयकार तू।
शूरता की शान श्रद्धानन्द का।।
दे दिया सर्वस्व अपने देश को।
काम था निष्काम श्रद्धानन्द का।।
धन्य है बलिदान……..।।2।।
देश के स्वाधीनता संघर्ष में।
नाम है संग्राम श्रद्धानन्द का।।
प्रेम श्रद्धा से मनाएँ पर्व हम।
पीड़ितों के त्राण श्रद्धानन्द का।।
धन्य है बलिदान……..।।3।।
शीश जिज्ञासु झुकाते हैं जिसे।
हैं हमें अभिमान श्रद्धानन्द का।।
धन्य है बलिदान………।।4।।










