जो प्राणी इस जग में आता, आने वाला निश्चय जाता।
जो प्राणी इस जग में आता,
आने वाला निश्चय जाता।
जाने के पश्चात् वहाँ से,
कोई खबर नहीं भिजवाता ।।
जाने वाले लोगों का ना जाने,
कहाँ ठिकाना है।
ग्राम, प्रान्त, जनपद पत्रालय
नहीं किसी ने जाना है।।
टेलीफोन नहीं मिल पाता,
कोई पता नहीं बतलाता।
उसको भी तो दया न आती,
ऐसा तोड़ गया है नाता।।1।।
जो प्राणी इस जग में आता,
आने वाला ……..
धीरे-धीरे चले जा रहे,
बालक वृद्ध जवान सभी।
किसका नम्बर कब आयेगा,
हो न सकी पहचान अभी ।।
बाप रहे बेटा मर जाता,
बालक छोड़ चली जाए माता।
जाने वाला पुनः लौटकर,
सूरत भी न दिखलाता।।2।।
जो प्राणी इस जग में आता,
आने वाला ………
बड़े-बड़े बलवान मौत ने
अपनी गोद बिठाये हैं।
ज्ञानी, ध्यानी, योगी,
साधु बोल नहीं कुछ पाये हैं।।
कोई भी ना शोर मचाता,
ना कोई तलवार उठाता।
मृत्यु से लड़ने को कोई,
कभी संगठन नहीं बनाता।।3।।
जो प्राणी इस जग में आता,
आने वाला जाने क्या लीला ईश्वर की,
सबको मौत पछाड़ रही।
कितनों का बना-बनाया,
पल में खेल बिगाड़ रही।।
मानव तू फिर क्यों इतराता,
यह सब रचता खेल विधाता।
जाना है’ नरदेव’ तुझे भी,
क्यों ना गीत उसी के गाता।।4।।
जो प्राणी इस जग में आता, आने वाला……..










