सुख भी मुझे प्यारे हैं, दुःख भी मुझे प्यारे हैं।

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सुख भी मुझे प्यारे हैं, दुःख भी मुझे प्यारे हैं।

सुख भी मुझे प्यारे हैं,
दुःख भी मुझे प्यारे हैं।
छोड़ें मैं किसे भगवन,
दोनों ही हमारे हैं।।

सुख दुःख इस जीवन की,
गाड़ी को चलाते हैं।
सुख दुःख ही हम सबको,
इन्सान बनाते हैं।
संसार की नदिया के,
दोनों ही किनारे हैं।।
सुख भी मुझ प्यारे हैं, दुःख भी……

दुःख चाहे ना कोई भी,
सब सुख को तरसते हैं।
दुःख में सब रोते हैं,
सुख में सब हँसते हैं।
सुख मिले उसके पीछे,
दुःख ही तो सहारे हैं।।
सुख भी मुझ प्यारे हैं, दुःख भी……

सुख में तेरा शुकर करूँ,
दुःख में फरियाद करूँ।
जिस हाल में रखे मुझे,
मैं तुझको याद करूँ।
मैंने तो तेरे आगे,
ये हाथ पसारे हैं।।
सुख भी मुझ प्यारे हैं, दुःख भी…..