दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ खुली किताब है।

0
169

दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ खुली किताब है।

दुनिया वालों पढ़कर देखो,
दुनियाँ खुली किताब है।
हर प्राणी के हर सवाल का,
मिलता यहीं जवाब है।
दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ…..

इस दुनिया में ही मिलता है,
एक सबक लासानी।
प्रभु दूध का दूध बनाता,
और पानी का पानी।
भले-बुरे सबके कर्मों का,
उसके पास हिसाब है।
दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ……

कर्म-क्षेत्र में हर प्राणी का,
इम्तिहान यहाँ होता है।
जब निकले परिणाम,
कोई हँसता कोई रोता है।
किसी का पर्चा ठीक हुआ,
तो किसी का हुआ खराब है।
दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ……

एक सुखी और एक दुःखी,
बन पैदा हुआ जन्म से।
अन्तर क्यों है अभी तो दोनों,
वाकिफ नहीं करम से।
पूर्वजन्म के पुण्य-पाप का
फल ही मिला जनाब है।
दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ…..

यहाँ हमेशा परमेश्वर का
न्याय-चक्र है चलता।
वह अपने निश्चित नियमों को
हरगिज नहीं बदलता।
‘पथिक’ धतूरे की टहनी पर
खिलता नहीं गुलाब है।
दुनिया वालों पढ़कर देखो, दुनियाँ…….