क्या कभी लाभ हुआ, पूजा से पत्थर के भगवान की।
क्या कभी लाभ हुआ,
पूजा से पत्थर के भगवान की।
गर पूजा से लाभ हुआ तो,
सैनिक जीवन जवान की। । टेक ।।
पत्थर के भगवान सदा,
शिल्पी से रचाये जाते हैं।
सैनिक वीरों के द्वारा,
बिगड़े देश बनाये जाते हैं
पत्थर के भगवान छुप,
मन्दिर में बैठाये जाते हैं
सैनिक वीर जवान समर,
करने को चढ़ाये जाते हैं
देश की रक्षा करते हैं
बाजी लगाकर जान की।।1।।
क्या कभी लाभ हुआ,
पूजा से पत्थर के……..
थे सैनिक श्रीरामचन्द्र,
उनको भी पत्थर बना दिया
श्रीकृष्ण भी थे सैनिक,
उनको संगमरमर बना दिया
हनुमान बजरंग वीर,
पशुओं से बदतर बना दिया
त्रिशूलधारी शूरवीर को,
भोला शंकर बना दिया
भारत के किस काम में,
आई यह मूर्त पाषाण की।।2।।
क्या कभी लाभ हुआ,
पूजा से पत्थर के …….
पत्थर पूजा के कारण
भगवान् की सत् पूजा छूटी
लुटेरों ने मन्दिर तोड़े,
व अरबों की सम्पत्ति लूटी
इन मूर्तियों से मक्खी की,
टांग तलक नहीं टूटी
फिर भी अन्धे नहीं समझते,
है पत्थर की पूजा झूठी
पत्थर पूजा कारण है,
दुर्गति के हिन्दुस्तान की।।3।।
क्या कभी लाभ हुआ,
पूजा से पत्थर के …….
सैनिक पूजा करो,
छोड़ कर पूजा पीर फकीरों की
घर पर हानि करे ना कोई,
वीरों की जागीरों की
रहे सैनिक परिवार सुरक्षित,
देखो वीरता वीरों की
कैसे कदर करें फिर सैनिक,
भीष्म की तकरीरों की
छाया में रहती आजादी,
ताराचन्द्र बलिदानी की।।4।।
क्या कभी लाभ हुआ,
पूजा से पत्थर के…….
सुविचार
बहुत से विद्वान, ब्राह्मण मूर्तिपूजा के थोथेपन से भली-भांति परिचय होने पर भी उसी के गीत गाते हैं, क्योंकि मूर्तिपूजा सम्बन्धी कार्य एवं उत्सव ब्राह्मणों को प्रत्येक सुविधा एवं धन देते हैं और उनके भक्त भी आँख बन्द करके विश्वास कर लेते हैं-राजा राममोहन राय (आत्मकथा)










