ईश हमें देते हैं सब कुछ, हम भी तो कुछ देना सीखें।
ईश हमें देते हैं सब कुछ,
हम भी तो कुछ देना सीखें।
अपने हित तो हम जीते हैं,
औरों के हित जीना सीखें ।।
हवा प्रकाश हमें मिलता है,
मेघों से मिलता है पानी।
यदि हम बदले में कुछ नहीं देते,
इसे कहेंगे बेईमानी।
जो दुःख भोग रहे हैं उनके,
दुःख को, दूर भगाना सीखें ।।
ईश हमें देते हैं सब कुछ, हम भी तो…..
तपती धरती पर पथिकों को,
पेड़ सदा देता है साया।
अपना फल भी स्वयं न खाकर,
जीवन उसने सफल बनाया।
दसवाँ हिस्सा दान में देकर,
बाकी स्वयं बरतना सीखें।।
ईश हमें देते हैं सब कुछ,
हम भी तो जो अनपढ़ हैं,
उन्हें पढ़ाएं,
अरु गूँगे को वाणी देवें।
भूखे को पेट भर खिलाएँ,
प्यासे जन को पानी देवें।
जो कुछ हमें मिला है प्रभु से,
वितरण उसका करना सीखें।।
ईश हमें देते हैं सब कुछ, हम भी तो……
मानव जीवन अति दुर्लभ है,
इसको भय से रहित बनाएँ।
खुशबू खिले फूल देते हैं,
वैसा ही हम भी बन जाएँ।
सेवा सुमरन से दीपक बन,
नया उजाला करना सीखें ।।
ईश हमें देते हैं सब कुछ, हम भी तो……










