कृतज्ञता
मुझे तूने मालिक बहुत कुछ दिया है।
तेरा शुक्रिया है, तेरा शुक्रिया है।।
मुझे तूने मालिक ………
ना मिलती अगर दी हुई दात तेरी,
तो क्या थी जमाने में औकात मेरी,
यह बन्दा तो तेरे सहारे जिया है।।
तेरा शुक्रिया है तेरा ………
यह जायदाद दी है ये औलाद दी है,
मुसीबत में हर वक्त इमदाद की है,
तेरा ही दिया मैंने खाया पिया है।।
तेरा शुक्रिया है तेरा ……….
मेरा ही नहीं है, सभी का तू दाता
सभी को सभी कुछ है देता दिलाता
जो खाली था दामन, वह तूने भरा है
तेरा शुक्रिया है तेरा………
मेरा भूल जाना तेरा ना भूलाना,
तेरी रहमतों का कहाँ है ठिकाना,
तेरी इस मोहब्बत ने पागल किया है।।
तेरा शुक्रिया है तेरा ……….
तेरी बन्दगी से मैं बन्दा हूँ मालिक,
तेरे ही करम से मैं जिन्दा हैं मालिक,
तुम्हीं ने तो जीने के काबिल किया है।।
तेरा शुक्रिया है तेरा………..










