भक्ति
दो घड़ी भगवान का ले नाम तू।
छोड़कर दुनियाँ के सारे काम तू ।।
दो घड़ी का नाम ही रंग लायेगा।
दे समय थोड़ा सुबह और शाम तू ।।
दो घड़ी भगवान का ……..
अपने दिल को साफ कर आसन जमा।
मन की चंचलता को प्यारे थाम तू ।।
दो घड़ी भगवान का………
त्याग कर आलस्य को जा सत्संग में।
प्रेम रस का भक्तवर पी जाम तू।।
दो घड़ी भगवान का ………..
देख तेरे काम की यह बात है।
पायेगा दुनियां में फिर आराम तू ।।
दो घड़ी भगवान का ………










