आर्य समाज नवाबगंज गोंडा के शताब्दी समारोह का आयोजन 27 से 30 अक्टूबर तक, यज्ञ और भजन-प्रवचन होंगे मुख्य आकर्षण
गोंडा, उत्तर प्रदेश। आर्य समाज नवाबगंज, गोंडा द्वारा 100वें वर्ष के उपलक्ष्य में शताब्दी समारोह का आयोजन 27 अक्टूबर से 30 अक्टूबर 2026 तक किया जा रहा है। चार दिवसीय इस धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम में वैदिक यज्ञ, भजन-प्रवचन, नगर शोभायात्रा, व्यायाम सत्र, जिला आर्य सम्मेलन और कवि सम्मेलन सहित विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से वैदिक विद्वान, भजनोपदेशक एवं आर्य समाज से जुड़े गणमान्य व्यक्ति शामिल होंगे।
वैदिक यज्ञ और भजन-प्रवचन होंगे विशेष आकर्षण
शताब्दी समारोह के दौरान प्रतिदिन आर्य समाज नवीन यज्ञशाला में प्रातः 8 बजे से 10 बजे तक तथा सायंकाल 5 बजे से 6 बजे तक यज्ञ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। वहीं, भजन एवं प्रवचन का आयोजन डी.ए.वी. इंटर कॉलेज में किया जाएगा। इसके अंतर्गत दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक और सायंकाल 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक धार्मिक एवं आध्यात्मिक कार्यक्रम होंगे।
27 अक्टूबर को दोपहर 12 बजे से 3:30 बजे तक नगर शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा के माध्यम से वैदिक संस्कृति, भारतीय परंपराओं और आर्य समाज के विचारों का संदेश दिया जाएगा।
वैदिक विद्वानों के प्रवचन से मिलेगा आध्यात्मिक ज्ञान
समारोह में आमंत्रित प्रमुख विद्वानों में स्वामी सच्चिदानन्द जी, जिन्हें क्रांतिकारी वैदिक प्रवक्ता के रूप में प्रस्तुत किया गया है, आचार्य डॉ. श्रुतिकीर्ति आर्य और पंडित दिनेश पथिक शामिल हैं। इनके भजनोपदेश एवं वैदिक प्रवचनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कार, वैदिक ज्ञान और जीवन मूल्यों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
कार्यक्रम में ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद के ज्ञान, कर्म, उपासना एवं विज्ञान से संबंधित संदेशों पर भी विशेष जोर रहेगा।
व्यायाम सत्र, आर्य सम्मेलन और कवि सम्मेलन


शताब्दी समारोह के अंतर्गत 23 से 30 अक्टूबर तक प्रतिदिन प्रातः 5:30 बजे से 6:30 बजे तक व्यायाम सत्र आयोजित किया जाएगा। 30 अक्टूबर को दोपहर 12:30 बजे से शाम 4 बजे तक जिला आर्य सम्मेलन एवं आर्य वीर-वीरांगना व्यायाम प्रदर्शन होगा।
समारोह के अंतिम दिन 30 अक्टूबर को शाम 7 बजे से रात्रि 10 बजे तक कवि सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा। इसमें साहित्य एवं काव्य के माध्यम से सामाजिक चेतना, भारतीय संस्कृति और नैतिक मूल्यों से जुड़े विचार प्रस्तुत किए जाने की अपेक्षा है।
आर्य समाज के पदाधिकारियों ने की सहभागिता की अपील
कार्यक्रम के आयोजकों एवं आर्य समाज के पदाधिकारियों ने धर्मप्रेमी नागरिकों, श्रद्धालुओं और समाज के गणमान्य लोगों से शताब्दी समारोह में शामिल होने की अपील की है। आयोजन का उद्देश्य वैदिक संस्कृति का प्रचार-प्रसार करना तथा शारीरिक, आध्यात्मिक और सामाजिक उन्नति को प्रोत्साहित करना है।
आर्य समाज नवाबगंज, गोंडा का यह शताब्दी समारोह क्षेत्र में धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के साथ-साथ वैदिक परंपराओं के प्रति जागरूकता बढ़ाने का अवसर बनेगा।
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