कर्म खोटे तो ईश्वर के भजन गाने से क्या होगा।
(तर्ज- हमारी याद जब आये तो आंसू बहा लेना)
कर्म खोटे तो ईश्वर के भजन गाने से क्या होगा।
किया परहेज़ न कुछ भी दवा खाने से क्या होगा।
कर्म खोटे तो ईश्वर के………..
१. समय पर एक ही ठोकर बदल देती है जीवन को
जो ठोकर से भी न समझे तो समझाने से क्या होगा।
कर्म खोटे तो ईश्वर के…………
२. समय बीता हुआ हरगिज़ कभी न हाथ आएगा
लिया चुग खेत चिड़ियों ने तो पछताने से क्या होगा।
कर्म खोटे तो ईश्वर के……….
३. मुसीबत तो टले मर्दानगी के ही थपेड़ों से
मुकद्दर पर भरोसा कर के सो जाने से क्या होगा।
कर्म खोटे तो ईश्वर के………..
४. तू ख़ाली हाथ आया है व ख़ाली हाथ जाएगा
‘पथिक’ मालिक करोड़ों का भी कहलाने से क्या होगा।
कर्म खोटे तो ईश्वर के…………










