बेटी गर्भ में यूँ रोई

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बेटी गर्भ में यूँ रोई

बेटी गर्भ में यूँ रोई,
मैया बचाई ले मेरी जान को।
मेरो दोष नहीं कोई,
भूलूँ न तेरे अहसान को॥टेक॥

बेटी गर्भ में यूँ रोई,
मैया बचाई ले मेरी जान को।
मेरो दोष नहीं कोई,
भूलूँ न तेरे अहसान को॥टेक॥

हिल मिल तेरे साथ,
मात तेरी सेवा खूब करूँगी।
चौका बासन तेरा आँगन
खुशियों से भर दूँगी।
मत ना बनै निर्मोही,
मैया बचाई ले मेरी जान को॥१॥

पिता मेरे पे मैया मेरी,
कबहूँ न भार बनूँगी।
बहना भईया सबसे मईया,
जी भर प्यार करूँगी।
धीर धरे नाँय कोई,
मैया बचाई ले मेरी जान को॥२॥

पिता मेरे को ना समझावै,
समझ तेरी माँ कैसी।
तू तो माँ मेरी अर्ज को सुन लै,
तू भी किसी की बेटी।
मेरी किस्मत है सोई,
मैया बचाई ले मेरी जान को॥३॥

मेरे कारण घर में तेरे,
कबहूँ न टोटो रहगो।
भाग मेरे से दाता प्रभु जी,
भोजन भी दे दैगो।
सब की रखे लाज वो ही,
मैया बचाई ले मेरी जान को॥४॥

हैं गरीब जिस घर में न बेटी,
उनकी भी हालत देखी।
भूल पिता की बेटी घर को,
घरुआ आय कर देगी।
बच्चू लिखे सही वो ही,
मैया बचाई ले मेरी जान को॥५॥