तू ही एक सबका सहारा प्रभु जी।
तू ही जन्मदाता हमारा प्रभु जी।।
तेरा नाम सुनते हैं हम दीनबंधु,
इसी से ही तुमको पुकारा प्रभुजी।।
वही डूबा भव सिन्धु के है भंवर में,
तुझे जिस किसी ने विसारा प्रभु जी।
तू ही योगियों का है प्राण जीवन,
तेरी भक्ति अमृत की धारा प्रभु जी।
करूँ भेंट क्या वस्तु भगवन् तुम्हारे ।
सभी विश्वमण्डल तुम्हारा प्रभुजी।
बिना देखे मरता है तुझ पर जमाना,
तेरा नाम भक्तों को प्यारा प्रभु जी।










