प्रभु को भुलाके, तूनें क्या किया
तर्ज – परदेस जाके परदेसिया……
प्रभु को भुलाके, तूनें क्या किया
जीवन गवां, ये दिया
जायेगा उसके बिन,
कैसे जिया प्रभु……
वो दाता तो है सर्वेश्वर
वो सचिन “सारंग” जगदीश्वर
सहारा प्रताप तूने,
जिसका लिया प्रभु को……
बस एक नाम है पावन
ओउम् नाम है रे मन भावन
भक्ति का प्याला ना,
तूनें पिया प्रभु को……
जलचर नभचर थलचर में है
वो तेरे मधुर स्वर में दिल
दर्पण में उसका,
है आशियाँ प्रभु को……










