तुम सिंह के सामने जाते समय भयभीत न होना

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तुम सिंह के सामने जाते समय भयभीत न होना

महात्मा बुद्ध की अमर वाणी

मनुष्यो !

तुम सिंह के सामने जाते
समय भयभीत न होना,
वह पराक्रम की परीक्षा है।

तुम तलवार के नीचे सिर
झुकाने से भयभीत न होना,
वह बलिदान की कसौटी है।

तुम पर्वत शिखर से
पाताल में कूद पड़ना,
वह तप की साधना है।

तुम बढ़ती हुई ज्वालाओं
से विचलित न होना,
वह स्वर्ण-परीक्षा है।

पर शराब से सदा भयभीत रहना,
क्योंकि वह, पाप और
अनाचार की जननी है।