दुनियाँ बनाने वाले,सबको हंसाने वाले।

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दुनियाँ बनाने वाले,सबको हंसाने वाले।

तर्ज – दिल में तुझे बिठाके…..

दुनियाँ बनाने वाले,
सबको हंसाने वाले।
महिमा तेरी निराली,
कोई जगह ना खाली।

बाग़ों में बैठी कोयलिया,
गाये गीत सुहाने “सचिन”
पपीहा मैना बुलबुल, तेरे
गाये तराने नग्‌मे सुनाने वाले,
सबको हँसाने वाले
महिमा तेरी निराली……

ऊँचे पर्वत झीले सागर,
सबमें तू है समाया कल-कल
करती नदियों ने भी,
गीत तेरा है गाया नदियाँ
बहाने वाले, सबको हंसाने
वाले महिमा तेरी निराली……

नीले नभ के आँगना में,
तूने तारे सजाये सूरज
चन्दा काले बादल,
किस भाँति हैं रचाये जग
को चलाने वाले, सबको
हंसाने वाले महिमा तेरी निराली……

झरने झर-झर निसदिन झरते,
तेरी गाये कवाली दुनियाँ
रूपी इस गुलशन का,
तू ही है रखवाली सबको
बसाने वाले, सबको हंसाने
वाले महिमा तेरी निराली……