गर भक्ति में मन ना लगाओगे।
गर भक्ति में मन ना लगाओगे।
याद रखना कभी ना सुख पाओगे॥
नीले नभ में ये बादल
बनाये, किस भांति ये
तारे सजाये ओ “सचिन”
चाँद-सूरज रचाये,
गर ईश्वर भजन ना गाओगे
याद रखना कभी ना
सुख पाओगे, गर भक्ति में……
बीच आँगन में करना हवनवा,
शुद्ध होगा ये तेरा भवनवा
ओ३म् का जाप करना
ओ मनवा, कर्म काले
जो निसदिन कमाओगे
याद रखना कभी ना
सुख पाओगे, गर भक्ति में……
चोला अनमोल यूँ
ना गंवाना, भक्त बनकर ये
जीवन बिताना वासनाओं
में मन ना फंसाना, गर
माया में मन को फंसाओगे
याद रखना कभी ना सुख
पाओगे, गर भक्ति में……
सबको भगवान का ही
सहारा, वही साथी है सच्चा
हमारा कभी हमने ना इतना
विचारा, गर भगवान को भी
भुलाओगे याद रखना
कभी ना सुख पाओगे,
ग़र भक्ति में……










