तू अगर खुदी को खो नहीं सकता।
तू अगर खुदी को
खो नहीं सकता।
जीवन में सफल हो
नहीं सकता।। टेक ।।
दर्द जब तक भरेगा
नहीं आहों में।
खटकता रहे मजलूमो
की निगाहों में।।
चैन से तू कभी
सो नहीं सकता ।।1।।
दिल उदार कर्मशील
मीठी वाणी हो।
प्रभु का भक्त हो
फिर भी दुखी प्राणी हो।।
यह अन्धेर कभी
हो नहीं सकता। ।2।।
जान लिया जिसने
जीवन मार्ग अकट को।
वह धीर देखकर,
भारी से भारी संकट को।
जिन्दगी में कभी
रो नहीं सकता ।। 3 ।।
शोभाराम कर्महीन
धूल फाँकेगा।
हार करके दूसरो
को मुँह ताकेगा।।
काटेगा भी क्या जो
बो नहीं सकता।।4 ||










