आर्य वीरो अवसर है आज सुनहरा अपने देश को (चल सन्यासी मन्दिर में)
आर्य वीरो अवसर है आज
सुनहरा अपने देश को,
स्वर्ग समान बनाने का,
बदलों ढग जमाने का।
ड्यूटी आज तुम्हारी है
भारी जिम्मेदारी है,
नहीं मानोगे पछताओगे
फिर यह समय नहीं आने का । टेक।
भव्य भवन धनियों के बंगले,
झुग्गी में मेहनत कश कंगले
आज विषमता द्वेष मिटाकर
जीवन पथ पर सबको एक संग ले।
जाति पाति व्यवसाय गुटो को
जब तक ना तुम छोड़ो,
मंजिल पर नहीं जा सकते हो
चाहे जितना दौड़ो,
आर्य वीरों अवसर है…….
आमदनी कम खर्चा ज्यादा
यह जीवन का उलटा कायदा,
आप दुखी औरों को दुख दे
इस जीवन से बोलो क्या फायदा।
उतने पैर फैलाओ जितनी
लम्बी आपकी चादर,
तभी समाज और देश के
अन्दर पा सकते हो आदर।
भाईयों बहनो अवसर है………










