धुन गीत गाता चल ओ साथी मुस्कुराता चल।
धुन गीत गाता चल
ओ साथी मुस्कुराता चल।
ओ भय्यारे भूली हुई दुनिया
को राह बताता चल ।।
मानवों के बीच में जो
नफरत की लीक है।
मिटा दे इसे यह भारी
भूल का प्रतीक है।।
दुख सुख और इच्छा
द्वेष ज्ञान प्रयत्न।
लक्ष्य सबका एक है
और एक है साधन ।।
ओ साथी रे, भावनायें सबके
यह दिल में जगाता चल ।।1।
जीवन में जहां पर भी आये दुर्घटना,
समझ ले परिणाम वही सावधानी हटना।
ठहरों ओर देखो मंजिल पै पहुँचो
विचारो फिर चलो, क्यों पैर मसलो।
साथी रे जीवन की राह चिकनी
पग जमाता चल ।।2।।
लक्ष्य पै पहुँचना है
उमंग और चाव से.
दुनिया है तुम्हारी इसे
भोगो त्याग भाव से।
सुन्दर अति सुन्दर सृष्टि की रचना,
करले उपभोग इसमें नही फंसना।
साथी रे जीने की कला
यह सबको सिखाता चल ।।3।।
सफलता ही जीवन है
असफलता मौत है,
यही तो पैमाना सारी
जिन्दगी का श्रोत है।
धर्म और अर्थ काम
मोक्ष की सिद्धि ।
सिद्ध करले शोभाराम
मोक्ष की सिद्धि ।
साथी रे मानदों के अन्दर,
मानवता जगाता चल ।।4।।










