वचन मेरा स्वीकार करो इकरार
वचन मेरा स्वीकार करो इकरार,
जो प्रीतम प्यारा-पकडूं
तब हाथ तुम्हारा,
यदि साथी मुझे बनाओगे,
जीवन भर साथ निभाओगे
दुख सुख दोनों का हो,
एक हमारा, पकडूं तब हाथ तुम्हारा ।।1।।
दो तन होंगे एक मन होगा,
हम दोनों का जीवन होगा,
आपत्ति में करोगे नहीं किनारा,
तब पकडूं हाथ तुम्हारा। ।2।।
मैं पकड़कर हाथ नहीं छोडूं,
जीवन भर साथ नहीं छोडूं
यज्ञ वेदी पर यह सत्य वचन उचारा,
लो पकड़ो हाथ हमारा।।3 ||
जीवन की लम्बी राह में,
मेरी चाह हो तेरी चाह में,
प्रेमी परमेश्वर का लेके सहारा,
लो पकड़ो हाथ हमारा ।।4।।
प्रेमी वचन
विद्या विनय गुण शील स्वरूपा
आयु बल कुल कद अनुरूपा
विवाह से पहले जो सावधान
गृहस्थ बनेगा स्वर्ग समान…













