आर्य समाज भजनसभी लेख कजा गीदड़ की जब आती By Arya Samaj - April 21, 2025 0 13 FacebookTwitterPinterestWhatsApp कजा गीदड़ की जब आती कजा गीदड़ की जब आतीतो रुख जंगल को करता है,स्वयं ही आनकर मूरखसौत के मुँह में पड़ता है। पकड़ कर शेर उसकोबस वहीं दबोच देते हैं,एक ही पल में उसकीहड्डी पसली नोच लेते हैं।। Curent posts: सागर उमड़े,लहरें गीत सुनायें ये दुनिया बनाना और बना के फिर चलाना ध्यान में आए, हृदय में समाए ओ३म् है अमृत का इक सागर धर्म-मार्ग पे चलना नहीं है आसान इस सुन्दर जीवन की कालिका वन्दना की तेरा स्तोता बनके प्रभुजी ! सौ साल से भी ज्यादा तेरी हो जिंदगानी। कभी कोई आये यहाँ दुख न किसी को दिया करो