दुनियाँ में बेमिसाल थीं भारत की वीर नारियाँ।
दुनियाँ में बेमिसाल थीं,
भारत की वीर नारियाँ।
देखीं सुनी न अब तलक
इनकी सी जाँ निसारियाँ।
यह तो बताओ दूसरा
ऐसा है देश कौन सा।
खेली हों जिसकी गोद में
लाखों जनक दुलारियाँ।।
दुनिया० जिन्दा चिता में जल गई,
हंस-हंस के सर कटा दिये।
शर्मा हया की पर कभी
सरकर्की न सर से साड़ियाँ।।
दुनिया० जेवर भी पहनती थीं
वो करती थीं वो श्रृंगार भी।
लेकिन सदा बन्धी रहीं उनकी
कमर कटारियाँ।। दुनिया०










