बुढ़िया बावरी रे !
बुढ़िया बावरी रे !
सन्ध्या करने में नहीं लागे।
चली रे बुढ़िया गुड़गाँवे
को घोड़ा गाड़ी करके ।।
चोरों ने वह खूब सताई
रोई मूंड़ पकड के ।।
बुढ़िया० आपहि लीपे
आपहि पोते आपहि घरे अघोई।
भीतों से वो बेटा माँगे
अकल कहाँ पै खोई।। बुढ़िया०
बालक बच्चे माँगे मिठाई
उनको डाँट बताई।
सैयद का तेरो फूफा लागे
साबत भेला रखिआई।। बुढ़िया०










