जो करे पुत्र निर्माण माता सोई।

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जो करे पुत्र निर्माण माता सोई।

जो करे पुत्र निर्माण माता सोई।
विद्या पढ़ शुभ वृत्ति बनावे,
माता के गुण-गण अपनावे।
जो करे दूर अज्ञान माता सोई ।।१

संस्कार कर पुत्र बना,
बल-वर्द्धक नित भोजन खावे।
हो वैदिक गर्भाधान माता सोई।।२

बालक को शुभ शिक्षा देवे
खान-पान की सुध-बुध लेवे।
दे गाली न मार माता सोई ।।३

वैर द्रोह का भूत नसावै,
देश धर्म पर बलि-बलि जावे।
करे देश कल्याण माता सोई ।।४

पुत्र बने मेरा सत्य कर्मी,
ध्रुव प्रहलाद हकीकत धर्मी ।
दे ऐसा वरदान माता सोई ।।५

राम भरत लक्ष्मण मानी,
भीम युधिष्ठिर अर्जुन ज्ञानी।
वीर जने सन्तान माता सोई।।६

बने कौशल्या देवकी माता,
राम कृष्ण की हो निर्माता।
करे देश उत्थान माता सोई।।७

हौआ कह बच्चे न डराव
कभी किसी से भय न दिखावे।
दे हाथ धनुष और बाण माता सोई।।८

आर्यजनों की अन्तिम विनती,
बनो बहन सारी गुणवन्ती।
करे जगत् फिर मान माता सोई ।।६