हमारा प्यारा वरना हमारी पौली आया।
हमारा प्यारा वरना
हमारी पौली आया।
चाँद जैसी बरनी की
खातिर है बुलवाया ।। हमारा० ।।
धन्य-धन्य है ईश्वर तुझको
तेरी कृपा पर बलिहारी।
शुभ दिन जो ऐसा तुमने
हमको है यह दिखलाया ।। हमारा० ।।
आनन्द हुई यह नगरी
तव शुभागमन से प्रियवर ।
दरवाजे मेरे आकर मेरा
भी मान बढ़ाया।। हमारा० ।।
यह बाबा ताऊ चाचा पिताजी
और भैया जी।
हैं सकल बराती सज्जन जिन-२
को संग में लाया ।। हमारा० ।।
है पूरी विद्या वाला,
यह वरना भोला भाला।
गुण रूप सुशील सुभाऊ
अनमोल रत्न है पाया ।। हमारा० ।।
वेदी पै आन पधारो,
मम कन्या अंगीकारो।
इस दिन के कारण मैंने,
रच-२ के मण्डप छाया ।। हमारा० ।।
यह प्यारी सुता हमारी,
हम अर्पण करें तुम्हारे।
अर्धांगिन इसको जानो
जो वेद शास्त्र ने गाया।। हमारा० ।।










