तुम सिंह के सामने जाते समय भयभीत न होना

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तुम सिंह के सामने जाते समय भयभीत न होना

महात्मा बुद्ध की अमर वाणी

मनुष्यो !

तुम सिंह के सामने जाते
समय भयभीत न होना,
वह पराक्रम की परीक्षा है।

तुम तलवार के नीचे सिर
झुकाने से भयभीत न होना,
वह बलिदान की कसौटी है।

तुम पर्वत शिखर से
पाताल में कूद पड़ना,
वह तप की साधना है।

तुम बढ़ती हुई ज्वालाओं
से विचलित न होना,
वह स्वर्ण-परीक्षा है।

पर शराब से सदा भयभीत रहना,
क्योंकि वह, पाप और
अनाचार की जननी है।

जो मनुष्य शराब का सेवन करते हैं उनके तीर्थ स्नान करने, व्रत रखने एवम् कई प्रकार के कठिन नियम रखने के महात्म्य सब नरकों में पड़ जाते हैं अर्थात् नष्ट हो जाते हैं। – गुरू नानक (सिक्ख मत के प्रवर्तक