ये बालक होवे बुद्धिमान
ये बालक होवे बुद्धिमान,
हे ईश्वर विनय हमारी।
यह जीवे सौ वर्षों तक,
हो दीन-दुखी का रक्षक।
बनें आरोग्य सबल महान…..
२. सब मर्म धर्म का जाने,
वेदों का पथ पहचाने।
पावै दुनियां में सम्मान…..
३. पुरुषार्थ करे जीवन में,
भरै शुद्ध भावना मन में।
धन पा करे नहीं अभिमान…
४. तपधारी परोपकारी,
यशवान राज अधिकारी।
हो ‘नरदेव’ आर्य श्रीमान्…..










