ऐसा नक्शा हो जाये तो परिवार का।
ऐसा नक्शा हो जाये तो परिवार का।
सारा सुख मिल जाये संसार का।।
सुथरा साफ सदा सब ही का पहनावा हो।
शुद्ध और सात्विक सारा खान पान हो।
दूध घी और फल सब्जी शाकाहार का ।।१।।
बूढ़ों का हो आदर और बच्चों का विकास हो।
झूठ नहीं बोले कोई सत्य पै विश्वास हो।
छोटों ऊपर बड़ों का हो हाथ प्यार का।।२।।
स्वर्ग भी जमीन पै है नर्क भी जमीन पै।
बहुत घरों का बेड़ा गर्क भी जमीन पै।
चौबीस घण्टे माहौल रहे हाहाकार का।।३।।
गौ भैंस बकरी घर में दूध देने वाली हो।
सारे मिलके काम करें दूर सब कंगाली हो।
तंब लाभ होगा ‘रामरख’ के प्रचार का।।४।।
छोटों ऊपर बड़ों का हो हाथ प्यार का।
स्वर्ग भी जमीन पै है नर्क भी जमीन पै।
बहुत घरों का बेड़ा गर्क भी जमीन पै।
चौबीस घण्टे माहौल रहे हाहाकार का।।५।।
गौ भैंस बकरी घर में दूध देने वाली हो।
सारे मिलके काम करें दूर सब कंगाली हो।
तंब लाभ होगा ‘रामरख’ के प्रचार का।।६।।










