बच्चो बचो बुराई से अगर
बच्चो बचो बुराई से अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।॥ टेक ॥
- सदा बड़ों को करो नमस्ते।
सबके मन में जाओ बसते।
रस्ते चलो भलाई के अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।
प्रातः शौच स्रान को जाओ।
व्यायाम करो प्राणायाम चढ़ाओ।
लाओ ध्यान पढ़ाई से अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।
भ्रष्ट बालकों से मत करो सन्धि।
विद्या बुद्धि होती है मन्दी।
बचो गन्दी मित्रताई से अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।
पढ़ो सादगी श्रीकृष्ण की।
सेवाभाव गुरु सान्दीपन की।
फैशन की बचो खाई से अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।
- विद्या पढ़ो ध्यान से पच के।
रहो ब्रह्मचारी संयम से जच के।
बच के विवाह-सगाई से अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।
‘मंगल वैद्य’ का मानो कहना,
फिर तुम्हें किसी किस्म का भय ना।
रहना शर्म सच्चाई से अगर
तुम्हें भविष्य बनाना है।










