जय हो वीर जवान देश की ऊँची रख दी

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जय हो वीर जवान देश की ऊँची रख दी

जय हो वीर जवान देश की ऊँची रख दी
शान-दिला दी आजादी।

  1. आजादी की खातिर में,
    बड़ी मुसीबत झेली थी।
    बड़े-बड़े वीरों ने यहाँ पे,
    खून की होली खेली थी।

फड़नवीस और तात्यां टोपे
होगए अमर जहान दिला दी आजादी।

भगतसिंह, सुखदेव,
तिलक क्या बच्चे उनको भूल गए।
हंसते-हंसते फांसी के तख्ते के
ऊपर झूल गए।
कह ‘श्रीचन्द’ मरते दम तक
खिली रही मुस्कान दिला दी आजादी।

चन्द्रशेखर दीवाना था,
खुद आजाद कहलाया था।
घर का पता जेलखाना और
पिता स्वतन्त्र बताया था।
इलाहाबाद की आजादी हित हुआ
शेर बलिदान दिला दी आजादी।

सुभाषचन्द्र को याद करो,
जो भारत का ध्रुव तारा था।
आजाद हिन्द का मालिक था,
जय हिन्द जिसका नारा था।
कहाँ गए जाने कित छिप गए
जो कोई बता निशान दिला दी आजादी।