हम आए शरण तुम्हारी

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हम आए शरण तुम्हारी

हम आए शरण तुम्हारी

हम आए शरण तुम्हारी
प्रभु आए शरण तुम्हारी।

बुरे भले सब तेरे भगवन्,
आशानन्द है तेरे अर्पण।
भिक्षा डाल भण्डारी
हम आए शरण तुम्हारी…………।

हर कुटिया में अमृत भर दो,
रोम-रोम सब पुलकित कर दो।
तेरे बनें पुजारी-हम आए शरण तुम्हारी……

मीठे-मीठे वचन सुनाएं,
फूल बनें सबको महकाएं।
होकर सब हितकारी
हम आए शरण तुम्हारी…………..