चित्रकार चित्र ऐसे हाथ से उतार दे।

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चित्रकार चित्र ऐसे हाथ से उतार दे।

चित्रकार चित्र ऐसे
हाथ से उतार दे।
केसरिया हो रंग लाल
शोणित से निखार दे।

रामप्रसाद बिस्मिल फांसी
ऊपर गाना गाते हों।
सुभाषचन्द्र बोस सेना
जर्मन में बनाते हों।
राजगुरु सुखदेव भगतसिंह
हंसकर फांसी खाते हों।
लौहपुरुष सरदार पटेल
भारत एक बनाते हों।
ऋषि दयानन्द जैसे
निरंजन विचार

चित्र में हो दयानन्द
वेद का प्रचार करे।
श्रद्धानन्द गुरुकुल खोले
शिक्षा का प्रचार करे।
मिटाकर अधर्म जग में
धर्म का प्रचार करे।
आर्यवीर लेखराम दलितों
का उद्धार करे।
महाराजा सूरजमल और
पन्ना के विचार दे।

चेतक पर प्रताप राणा-रण
के लिए जाते हों।
घास की रोटी महाराणा
के भूखे बच्चे खाते हों।
दीवारों में फतहसिंह
जोरावर चिने जाते हों।
वीर हकीकत धर्म हेतु
प्राणों को गंवाते हों।
बंदा बैरागी की खाल
चिमटों से उतार दे।

लक्ष्मीबाई महाराणी का
युद्ध होता हुआ भारी।
तात्या टोपे वीर बना,
मंगल पाण्डे क्रांतिकारी।
काले पानी जाते हुए
वीर सावरकर व्रतधारी।
तिलक जी आंदोलन हेतु
करते हों जयघोष भारी।
शिवाजी की माता
जीजाबाई रचनाकार दे।

लाला लाजपतराय पर
पुलिस लाठियां बरसाती हो।
सांडर्स की मृत्यु बन
भगत की गोली आती हो।
आजाद हैं आजाद रहेंगे
शेखर की ध्वनि आती हो।
मार दो गोली श्रद्धानन्द की
खुली हुई छाती हो।
डायर को लन्दन में जाकर
उधमसिंह मार दे॥