प्रभु आए तेरे द्वार नमस्कार-नमस्कार।
प्रभु आए तेरे द्वार
नमस्कार-नमस्कार।
प्रभु सब जग का आधार
नमस्कार-नमस्कार।
कहे ‘नन्दलाल’ सबकी
आत्मा पवित्र हो।
काया हो निरोग और
ऊंचा चरित्र हो ऊंचा चरित्र हो।
ये विनती चारम्बार
नमस्कार-नमस्कार।
सूर्य और चांद में तेरा
ही उजाला।
तूने पहन रखी है सितारों की
माला-महिमा अपरम्पार-नमस्कार।
पर्वतों की चोटियों को
बादल हैं चूमते ।
सूर्य चन्द्र और सितारे सारे ही
घूमते नियम के अनुसार।
कोयल बोले कू-कू-कू
सबको है भा रही।
पंचम के स्वर में मधुर गीत
गा रही ये ही रही पुकार।
फुलवारी के फूल देखो
कैसे हैं निराले।
नीले-पीले और गुलाबी
कोमल खुशबू वाले छाई है बहार।
आत्मा का रथ भी कैसा
सुन्दर बनाया है।
मन, बुद्धि और इन्द्रियों से
इसको सजाया है-
आठ चक्र नव द्वार-नमस्कार।
प्रभु अपनी भक्ति का
अधिकार देना।
सर्व संकल्प ले सुविचार देना-
वेद के अनुसार नमस्कार।










