ओ३म् नाम का जाप कर

0
62

ओ३म् नाम का जाप कर

ओ३म् नाम का जाप कर
दूर मन का पाप कर।
मेरे से जो मिलना चाहे
पहले हृदय को साफ कर।

कभी काशी, कभी बद्रीनारायण,
जगनाथ पर जाता है।
पत्थर पूजे, पीतल कूटे
क्यों दर-दर ठोकर खाता है।

अन्दर ही तलाश कर मेरे
वेदों पर विश्वास कर।
मेरे से जो मिलना चाहे
पहले हृदय साफ कर।

हरद्वारीलाल का ख्याल
चाल जो मार्ग तुझे दिखाऊँ मैं,
नेक काम चुपचाप कर मत
ज्यादा आलाप कर।
मेरे से जो मिलना चाहे
पहले हृदय साफ कर।

ईर्ष्या द्वेष छोड़कर मन से
सबका भला मनाया कर।
सपने में भी नहीं किसी को
मत ना कष्ट पहुंचाया कर।
दुःखियों से मिलाप कर,
दूर सब संताप कर।
मेरे से जो मिलना चाहे
पहले हृदय साफ कर।

चोरी जारी निन्दा चुगली
इनसे दूर हटा मन को।
सेवा शुभ कर्मों में भाई
अपने खूब लुटा धन को।
शुभ गुण को धारण आप कर
दूजे दुर्गुण माफ कर।
मेरे से जो मिलना चाहे
पहले हृदय साफ कर।