प्रभु इंसाफ करेंगे (तर्ज- जब हम जवां होंगे)
शुभ अशुभ कर्म का फल,
निश्चय से मिलता है
कल नहीं होगी फेर बदल
प्रभु इंसाफ करेंगे नहीं माफ करेंगे
1-सर पर जो नित
नई मुसीबत आती है
किये हुए कर्मों के
याद दिलाती है
भरने पड़ेंगे वो उन्हें
जो पाप करेंगें नही माफ करेंगे
2-जैसे सूरज छिपता
और निकलता है
इसी तरह सृष्टि का
ये कर्म चलता है
वो जान लेंगे जो
प्रभु का जाप करेंगे नहीं माफ करेंगे
3-क्या कुछ करने आये थे
क्या कर बैठे बाँध के गठरी पाप की
सर जो घर बैठे रो रो के आयु भर वो
पश्चाताप करेंगे नहीं माफ करेंगे
4-नहीं सिफारिस वहां
किसी की चलती है
कहते जो चलती है
उनकी गलती है बेमोल जो करना
उन्हे वो आप करेंगे नहीं माफ करेंगे
सर्व जिहां मृत्युपदमार्जवं ब्रह्मणः पदम् ।
एतावानेव ज्ञान विषयः प्रलापः किंकरिष्यति ।।
कुटिलता विनाश की ओर ले जाती है और ऋजुता प्रभु से मिलाती है। बस इतना ही ज्ञान का फल है, शेष गााल बजाने का क्या लाभ?










