वस्त्र धारण करो
वस्त्र धारण करो,
दुःख निवारण करो तन के सारे।
पुत्रा माता पिता के दुलारे ।।
१- शुभ दिवस ये प्रभु ने दिखाया।
प्रथम चोला ये धारण कराया।
तन सुशोभित लगे, ज्ञान ज्योति जगे,
वस्त्र धारे ।।
पुत्र माता पिता के दुलारे ।।
२- सौ वर्षों की आयु बितायें।
सत्यपथ पर चले यश कमाये।
रहे निरोग तन, विकसे
जैसे सुमन, चाँद तारे ।।
पुत्र माता पिता के दुलारे ।।
जड़ से कटा हुआ पेड़ फल नहीं सकता। जमीन से कटा हुआ आदमी बढ़ नहीं सकता। और अधर्म से कमाया हुआ धन फल नहीं सकता। अपकचरा ज्ञान रखने वाला आदमी संसार में फैल नहीं सकता लेकिन परोपकारी व्यक्ति हमेशा फलता फूलता है। -आचार्य चन्द्रशेखर










