जय होवे भगवान तेरी जय होवे
जय होवे भगवान
तेरी जय होवे,
हमें दो भक्ति का दान
तेरी जय होवे।
पार ब्रहा परमेश्वर स्वामी,
घट-घट वासी अन्तर्यामी,
दाता दया निधान,
तेरी जय होवे ।।१।।
कैसी अद्भुत तेरी सृष्टि,
अन्त न पावे मानव दृष्टि,
महिमा अति महान,
तेरी जय होवे ।।२।।
करूणा सागर पिता हमारे,
काटो संकट पातक सारे,
करो नाथ कल्याण,
तेरी जय होवे ।।३।।
भक्ति भाव से मिल गुण गावें,
यही कामना हम सब पावें,
दो हमको वरदान,
तेरी जय होवे ।।४।।
तेरा ही है हमें सहारा,
तू है शुद्ध बुध्द सखा हमारा,
तू ही सबसे महान्।
तेरी जय होवे।।५।।
सौ साल की उम्र भी तो,
आधी खा गई बातें।
कुछ बचपन, कुछ खाए बुढ़ापा,
बाकी थोड़ी रातें।










