बड़ों को सदा सिर झुकाया करेंगे
बड़ों को सदा सिर झुकाया करेंगे,
न ईश्वर को दिल से भुलाया करेंगे।
निकम्मा बना देगी संगत बुरों की,
भलों की ही संगत में जाया करेंगे।
चुरे बालकों में कभी हम न बैठें,
उन्हें पास अपने न लाया करेंगे।
बुरी बात न हम सुनेंगे किसी की,
किसी को बुरा न सुनाया करेंगे।
करें दिल्लगी ना किसी से कभी हम,
भलाई में दिल को लगाया करेंगे।
फिरेंगे न गलियों में आवारा बनकर,
अकेले न मेले में जाया करेंगे।
चमक और दमक से न सम्बन्ध रखें,
चलन सादगी का दिखाया करेंगे।
जगत के पिता से डरेंगे हमेशा,
कभी न किसी को सताया करेंगे।
नमस्ते की व्याख्या
With all the power of my arms. With all the intelligences of mind. And With all the love of my beart. I pay my due respect to the soul within you.










