मोहे प्रेम का अमृत पिला दो प्रभु।

0
88

मोहे प्रेम का अमृत पिला दो प्रभु।

मोहे प्रेम का अमृत पिला दो प्रभु।
अपने चरणों का दास बनालो प्रभु ।।

जीवन नैया डगमग डोले,
व्याकुल पंक्षी पी पी बोले।

कोई इस नैया को पार लगा दो प्रभु,
मोहे प्रेम का अमृत पिला दो प्रभु ।।

तन नगरी में पाप का डेरा,
तुम बिन प्रीतम कौन है मेरा।

अपनी शक्ति का हाथ बढ़ा दो प्रभु,
मोहे प्रेम का अमृत पिला दो प्रभु।

देश सेवा में जीवन बीते,
ये काया हो काम किसी के।

मुझे देश की भक्ति सिखा दो प्रभो,
मोहे प्रेम का अमृत पिलादो प्रभो।

बनकर तेरा दीन भिखारी,
दर पर तेरे झोली पसारी।

अपने प्रेम का गीत सुना दो प्रभु,
मोहे प्रेम का अमृत पिला दो प्रभो ।।

ओ३म् दया के सिंधु हैं,
कर देंगे उद्धार।
आप अमर हो जायेंगे,
वेदों के अनुसार ।।