नाम सुनते हैं तेरा
नाम सुनते हैं तेरा,
रूप दिखाओ तो सही।
सुने मंदिर में मेरे,
ज्योत जलाओ तो सही।।
फूल में गंध चमक चन्द्र में
डाली तूने चाह जिनको है
तेरी उनमें समाओ तो सही।।
नाम……..
धूल मलमल के अलख,
द्वार पे योगी गाते।
अपने गाने की कड़ी,
कोई सुनाओ तो सही।।
नाम ……..
चक्र में घूम चुकी,
चरणों में तेरी आई
दीन वत्सल हो दया,
दृष्टि घुमाओ तो सही।।
नाम……
यह दुनियाँ के मेले
हरगिज न कम होंगे।
अफसोस दुनियाँ में एक
दिन हम ही न होंगे ।।










