विवाह की वर्षगांठ पर बधाई (तर्ज़-नगरी नगरी द्वारे द्वारे ढूँढूँ रे सांवरिया)
शुभ विवाह की वर्षगांठ पर
सौ सौ बार बधाई हो।
सदा रहो मिल कर तुम
ऐसे जैसे दूध मलाई हो।
शुभ विवाह की वर्षगांठ पर…….
तुमने जीवन साथी बन कर
इतने वर्ष बिताये हैं।
इक दूजे का हाथ पकड़ कर
इस मन्जिल तक आये हैं।
आपस की यह प्रीत हमेशा
हर दिन रात सवाई हो।
शुभ विवाह की वर्षगांठ पर……….
यह जीवन आदर्श तुम्हारा
सब को राह दिखाता है।
सद् गृहस्थ ऐसा होता है
यह सन्देश सुनाता है।
तन मन धन से जग गण
मन की सेवा और भलाई हो।
शुभ विवाह की वर्षगांठ पर……….
पति पत्नी दो पहिये समझो
अपने घर की गाड़ी के।
दोनों ही माली हैं सुन्दर
फूलों की फुलवाड़ी के।
जीवन स्वर्ग बने धरती पर
ऐसी नेक कमाई हो।
शुभ विवाह की वर्षगांठ पर……..
तन्दुरुस्ती का तुम दोनों के
जीवन को आधार मिले।
गुज़रे वक्त भजन भक्ति मे
परमेश्वर का प्यार मिले।
पथिक चलो सुख की राहों पर
ईश्वर सदा सहाई हो।
शुभ विवाह की वर्षगांठ पर………










