मेरे मन में अंधेरा है।
कर दो दूर प्रभु मेरे मन में अंधेरा है।
जब से तेरी लगन लगी
हुआ मन में सवेरा है।
इतना बता दो प्रभु मेरे
मंजिल है कहाँ,
मुझे ले चलो वहाँ जहाँ
संतो का डेरा है।
मुझे तो है प्यास लगी
आन मिलो प्रभु जी
खुश किशमत है मेरी
आया प्यार जो तेरा है।
कर दो दूर……….
उसको हटा दो प्रभु
मन में जो पर्दा पड़ा है
कोई नहीं यहाँ मेरा
एक आसरा तेरा है।
कर दो दूर………
तेरे दर्शन के बिना
लाखों युग बीत गए,
आन मिलो प्रभु जी
अब प्यार जो तेरा है,
कर दो दूर………. ।।
मेरे ओ३म् – मेरे ओ३म्, मेरे ओ३म्










